← मुखपृष्ठ पर लौटेंश्रीमद्भगवद्गीता
एक ग्रंथ · 18 भाग · जीवन भर का अध्ययन
श्रीमद्भगवद्गीता
शब्दों में विस्तार।
डॉ. राजेश तकयार की 18-खंडों की श्रृंखला में श्लोकों की व्याख्या और विवेचन के शब्दों का भागवार विवरण।
11,51,853कुल शब्द
18भाग
701कुल श्लोक
भागवार लेखा
हर भाग, एक नज़र में
शब्दों की संख्या लेखक की दी हुई सूची के अनुसार।
| भाग | भाग का नाम | कुल श्लोक | कुल शब्द |
|---|---|---|---|
| 01 | जाना किधर हैपुस्तक देखें ↗ | 47 | 26,500 |
| 02 | निर्णय लेना कौन सिखाएगापुस्तक देखें ↗ | 72 | 60,000 |
| 03 | कर्म और फलपुस्तक देखें ↗ | 43 | 46,000 |
| 04 | ज्ञान की परिभाषापुस्तक देखें ↗ | 42 | 58,000 |
| 05 | कर्म क्या हैपुस्तक देखें ↗ | 29 | 52,000 |
| 06 | आत्मसंयमपुस्तक देखें ↗ | 47 | 63,200 |
| 07 | मैं कौन हूँपुस्तक देखें ↗ | 30 | 66,800 |
| 08 | दिव्यमार्गपुस्तक देखें ↗ | 28 | 57,000 |
| 09 | रहस्यमय ज्ञानपुस्तक देखें ↗ | 34 | 82,500 |
| 10 | शक्ति के रूपपुस्तक देखें ↗ | 42 | 93,171 |
| 11 | ईश्वर कौन हैपुस्तक देखें ↗ | 55 | 92,496 |
| 12 | पूजन किस का करेंपुस्तक देखें ↗ | 20 | 43,975 |
| 13 | जीव-क्षेत्र कहाँ है?पुस्तक देखें ↗ | 34 + 1 | 60,968 |
| 14 | त्रिकोणपुस्तक देखें ↗ | 27 | 60,108 |
| 15 | एक ब्रह्मआने वाली पुस्तक ↗ | 20 | 58,776 |
| 16 | स्वये को पहचानोंआने वाली पुस्तक ↗ | 24 | 62,244 |
| 17 | आत्म-निष्ठाआने वाली पुस्तक ↗ | 28 | 72,408 |
| 18 | मोक्षआवरण प्रतीक्षित | 78 | 95,707 |
| कुल | 701 | 11,51,853 | |