भारतीय ज्ञान परंपरा को सरल और प्रामाणिक रूप में समझाने का एक प्रयास...
जलते हवनकुंड के चारों ओर पूजा करते ऋषि-मुनि और श्रद्धालु

लेखक की शब्द-गणना · 18 खंड

श्रीमद्भगवद्गीता पर 11.5 लाख शब्द।

डॉ. राजेश तकयार® ने गीता के 18 खंडों में व्याख्या और चिंतन के लगभग 11.5 लाख शब्द लिखे हैं। लेखक द्वारा दी गई प्रत्येक खंड की गणना के अनुसार कुल 11,51,853 शब्द हैं।

पुस्तक के साथ डॉ. राजेश तकयार
डॉ. राजेश तकयार®लेखक और शोधकर्ता
40+प्रकाशित
पुस्तकें

लेखक · शोधकर्ता · विचारक

प्राचीन ज्ञान,
आज के जीवन के लिए।

डॉ. राजेश तकयार® के लेखन में श्रीमद्भगवद्गीता, श्रीकृष्ण और भारतीय शास्त्रों के विचार सरल भाषा में आधुनिक पाठक से संवाद करते हैं।

श्रीमद्भगवद्गीता से अपने प्रश्न का उत्तर पाएँ — निःशुल्क।

आज का विचार

कर्म किसी को नहीं बाँधता, आसक्ति बाँधती है।

स्रोत: श्रीमद्भगवद्गीता · भाग 9

लेखक के बारे में

शास्त्रों का अध्ययन।
सरल शब्दों में संवाद।

डॉ. राजेश तकयार® भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं के स्वतंत्र शोधकर्ता और लेखक हैं। वेदों, पुराणों और श्रीमद्भगवद्गीता में उनकी विशेष रुचि है। उनका लेखन प्राचीन विचारों को आज के पाठक के लिए समझने योग्य और जीवन से जुड़ा बनाने का प्रयास है।

ब्लॉग और विचार

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ब्रह्म लेख का चित्र

ब्रह्म

गीता के तेरहवें अध्याय से ‘जानने योग्य’ परम तत्त्व की व्याख्या।

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